एचआरटीसी बसों की सुरक्षा पर संकट, चालक-परिचालकों में भय का माहौल



शिमला: हिमाचल प्रदेश से बाहरी राज्यों में जाने वाली एचआरटीसी बसों और उनके चालक-परिचालकों की सुरक्षा खतरे में है। हाल ही में पंजाब और उत्तराखंड में बसों पर हमले और धमकियों की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे बस कर्मियों में भय का माहौल है।  


पंजाब में पोस्टर और धमकियां

पंजाब के होशियारपुर में दो स्थानों पर एचआरटीसी बसों को रोककर विवादित पोस्टर लगाए गए और चालक-परिचालकों को धमकाया गया। इससे वहां काम कर रहे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।  

उत्तराखंड में बस पर हमला

उत्तराखंड के धर्मपुर-चंडीगढ़-हरिद्वार रूट पर एक बस पर स्थानीय कॉलेज के छात्रों ने हमला कर बस के सामने का शीशा तोड़ दिया। इस घटना में एचआरटीसी को 40 हजार रुपये का नुकसान भी हुआ।  

एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति की मांग

एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि वह पंजाब और उत्तराखंड सरकार से वार्ता कर इन घटनाओं पर तत्काल रोक लगाए। जेसीसी के महासचिव खमेंद्र गुप्ता ने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं जारी रहती हैं, तो एचआरटीसी को पंजाब रूटों पर बस सेवाएं बंद करने पर विचार करना चाहिए।  

एसएसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग

होशियारपुर में विवादित पोस्टर और धमकी की घटनाओं के बाद निगम प्रबंधन ने एसएसपी को पत्र लिखकर बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

उत्तराखंड घटना पर सफाई

उत्तराखंड में बस पर हुए हमले को सोशल मीडिया पर विवादित पोस्टर मामले से जोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन एचआरटीसी ने इसे गलत बताया है। निगम के अनुसार, यह घटना स्थानीय कॉलेज के छात्रों के वाहन की टक्कर के बाद हुई थी, जिससे छात्रों ने गुस्से में आकर बस पर हमला किया।  

एचआरटीसी ने सरकार से अपील की है कि वह चालक-परिचालकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि कर्मचारी निडर होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

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